Tuesday, July 20, 2021

साल दो हजार बीस

जिंदगी जिने के दिखाती है नये रंग..

जिंदगी जिने के लिये लढाती है नयी जंग..

जिंदगी जिने के सिखाती है नये ढंग..

जिंदगी को नये सिरे से पढने की जो हमने भरी है फीस..

वो रहा साल दो हजार बीस ...


देखो तो खुशियों की सौगात है जिंदगी...

सोचो तो ग़मोंसे लबरेज है जिंदगी ..

हर समय इन संवेदनाओंकी जो उठती रही टीस...

एक यादगार तजुर्बा रहा ये साल दो हजार बीस..


दिल को बेहलाने के काफी जोहर हमने आजमा लिये..

सादगी, सेहत और रिश्तों को संजोने के नुस्खे भी आजमा लिये..

ईश्वरके चरण में हो लीन ..नमन करता हूं ईश को...

तहे-दिल से शुक्रिया और अलविदा कहता हूं साल दो हजार बीस को ....


🙏🏼🙏🏼

Happy New Year !