Friday, October 25, 2024

गाने अंजाने

मैं शायर तो नहीं (बॉबी)

प्यासी प्यासी निगाहो से जिते हुये..   
मैने देखा है लोगो को पिते हूये...  
जब भी सावन में बादल बरस्ने लगा..                             
और भी कूछ मेरा दिल तरस्ने लगा..     
मैं मैकश तो नहीं..मगर ए हसीन..                                
जब से देखा मैने तूझ्को मुझ्को...                                  
मैकशी आ गयी..

जिंदगी किसी है पहेली (आनंद )

दिल में जो दिल बनके धडके..
गये तो ना देखा जरा मुडके..
रह गयी मन की डगर पे..
धुल सी यादों की उडके यहाँ..
Zindagi Kaisi Hai Paheli Haye..

इक प्यार का नगमा है

तुम साथ ना दो मेरा..चलना मुझे आता है..
हर आग से वाकिफ हू..जलना मुझे आता है..
तदबीर के हाथो से, तकदिर बनानी है..
जिंदगी और कूछ भी नहीं.. तेरी मेरी कहानी है

मेरे सामने वाली खिडकी में (पडोसन)

पहले तो हवा उन जुल्फो से, खुशबू भी चुराकर लाती थी..
भुले से कभी उडती उडती, आवाज सी भी आ जाती थी..
आवाज से भी मेहरूम हुए, इस बात का दुखडा रहता है..
मेरे सामने वाली खिडकी में, इक चांद का तुकडा रहता है

जब कोई बात बिगड जाए( जुर्म )

कैसे करू तुझसे बात..तू लढती है दिन रात...
सुन्ती न मेरी कोई बात .. बता कैसे रहू तेरे साथ...
चाहें झगडू मैं कितना..चाहें मानू ना कोई बात...
अब तो रहना है मेरे ही साथ....o hamnava..


अभी ना जाओ छोड कर(हम दोनो)

अभी उठा हुं निंद से..तुम्हारा ख्वाब देख के ..
अभी तुम एक खाब हो..अभी बस एक ही जाप हो..
मैं छू के तुमको देख लू.. के सच में मेरे पास हो..
मुझे थी जिसकी जुस्त्जु..वही मेरी तलाश हो..
अभी तो इस तलाश का मिला कोई सिला नहीं...
अभी ना जाओ छोड के..के दिल अभी भरा नहीं..


Thursday, October 24, 2024

ओम चे मोहन आबा

Composition for Retirement ceremony of Shri Mohan Chepe Sir


Om चे मोहन आबा..हे एक जगावेगळं रसायन आहे .      कला गुणांच्या समृध्दीचं हे एक वैशिष्ट्य पूर्ण दालन आहे...

ओम आणि मोहन आबा... एक आगळं - वेगळं मिश्रण आहे.  कधी सरळसोट रस्ता पण बहुधा मस्ती आणि आनंदाचं बहारदार वळण आहे

ओम आणि मोहन आबा एक जबरदस्त equation आहे... धमाल कोडी , कमाल गाणी आणि मुक्त संवादांच हे wonderful emotion आहे 

ओम करता मोहन आबा कधीही न सुटणारं व्यसन आहे..  माया, लोभ, प्रेम आणि संस्काराचं कधीही न आटणारं धरण आहे.


ओम की सुषमा नानी

Composition for the 60th birthday of my Mother-in-Law. (माधवी हरिसंगम)

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सासू मां की ये कहानी..

कवी जमाई सुनाये अपनी जुबानी..

समस्त ससुराल आज है समक्ष.. 

श्रोता गण जरा बरतें सावधानी...


शरद पूर्णिमा की शीतल रात्री..

पूर्ण चंद्रमा के रूप की भांती 

नगरकरजी के घर हुंयी..

इक सुंदर कन्या की प्राप्ति ..


कोत्मा की कोठी मे बढती - खेलती वो किशोरी..

आई - बाबा के लिये मानो हो कोई स्वप्नलोक की परी..

सुधीर, सुनीता के संग धूम मचाये हर होरी..

सहेलियो संग बांधी सुंदर रिशतों की ये डोरी..


नागपूर आयी जब, सज धज के ये ससुराल..

घर आंगन संवरा ऐसे..जैसे जुही की मत्वाली डाल..

मीनल पंकज ने लायी खुशियो की वो बहार..

हरी के रंग मे रंग गया  हरिसंगम परिवार..


निश्चय महत प्रयासों से ऐश्वर्या गारमेंट्स को 

मिली अपनि अलग पेहचान...

लाइफ पार्टनर कम बिझनेस पार्टनर दे रहे ..

इस प्रगती में सहृदय योगदान..


कोतमा से कोतवाल नगर तक..

चली आ रही ये कहानी..

हमारे मन मंदिर में सदा बिराजे 

ओम की सुष्मा नानी...


निर्मोही निरहंकारी मितभाषि 

सुरुची अन्नपूर्णा जीवनदायिनी..

हमारे मन मंदिर में सदा बिराजे 

ओम की सुष्मा नानी...


सहज सरल नितसुधा बरसाती 

वो मधुर सुदा रस वाणी...

हमारे मन मंदिर में सदा बिराजे 

ओम की सुष्मा नानी...

Wednesday, March 13, 2024

Composition for Grey Hair

As much as you avoid, neglect or pray.. 
 It is bound to engulf you..the magic of grey..
 Never gets out of fashion they say... 
 The neverending elusive charm of grey..

 Wits of whites nd brilliance of black... 
Come together to give you grace of grey 
 The wily silver fox is here to stay. . 
 Hard to miss the vibe of vintage grey

 Through the dark night and the shiny day.
Through the trodden path nd long highway... 
 They still like to fly, swirl, jump nd sway.. 
 The easygoing effervescent spirit of grey(hair)